वाल्मीकि रामायण की मुख्य बातें।
वाल्मीकि रामायण की मुख्य बातें।
श्री राम जी के संबंध में दो ग्रंथ मुख्य रूप से चर्चा में रहते हैं। एक श्रीवाल्मीकि रामायण तथा दूसरा गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस। मूल रूप से दोनों ही ग्रंथों में समान बातें लिखी गई हैं परंतु फिर भी कई तथ्य भिन्न है। वाल्मीकि रामायण का अत्यंत बारीकी से अध्ययन करना बहुत ही कठिन कार्य है। परंतु फिर भी जितना मैंने वाल्मीकि रामायण का अध्ययन किया उसमें से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य आप लोगों के साथ साझा कर रहा हूं।
1. राजा दशरथ की तीन नहीं बल्कि 353 रानियां थी।
2. राम के जन्म के समय राजा दशरथ की आयु करीब 60,000 वर्ष थी।
3. राम ने धनुष स्वयंवर में नहीं उठाया था।
5. विवाह के समय राम की आयु करीब 16 - 17 वर्ष थी।
6. राम और परशुराम संवाद धनुष तोड़ने के तुरंत बाद ना होकर बल्कि सीता जी की विदाई के समय हुआ था।
7. वनवास जाते समय राम की आयु करीब 27 वर्ष तथा सीता की आयु 17 - 18 वर्ष थी।
8. अयोध्या कांड के सर्ग 56/01 के अनुसार लक्ष्मण वनवास के दौरान सोए थे।
9. अयोध्या नगरी अपने आप में पूर्णता संपन्न थी और वहां बहुमंजिला इमारतें थी। इमारतों की अधिकतम ऊंचाई 7 मंजिल तक थी। अलग-अलग ऊंचाई वाली इमारतों के नाम भी अलग-अलग थे।
10. श्री राम को वनवास गए जब छठी रात हुई, तब राजा दशरथ ने अपनी रानियों को श्रवण कुमार की कथा सुनाई थी।
11. भरत को जब अयोध्या वापस आने की सूचना मिली तब वे आठवें दिन अयोध्या पहुंचे थे।
12. सीता जी वत्कल पहन कर वनवास नहीं गई थी।
13. भरत जी जब वन में राम से मिलने के लिए गए थे, तब उनके साथ जनक जी नहीं गए थे।
14. लक्ष्मण जब सीताजी के कहने पर राम को खोजने के लिए गए थे, तब जाने से पहले उन्होंने सीता के लिए कोई रेखा नहीं खींची थी।
15. पक्षीराज जटायु की आयु करीब 60,000 वर्ष थी।
16. वाल्मीकि रामायण में शबरी की जाति का कहीं कोई वर्णन नहीं है और ना ही राम ने शबरी के जूठे बेर खाए थे।
17. रावण के पास करीब 32 करोड़ राक्षस योद्धा थे।
18. हनुमान जी जब सीता की खोज के लिए लंका में गए थे तब उनकी मुलाकात विभीषण से नहीं हुई थी।
19. कुंभकरण युद्ध शुरू होने से पहले भी जगा हुआ था।
20. समुद्र पर पुल बनाने में 5 दिन का समय लगा था।
21. अंगद ने रावण की सभा में अपना पैर नहीं जमाया था।
22. जामवंत की आज्ञा से हनुमान जी हिमालय पर्वत से चार औषधियां लेने गए थे। मृतसंजीवनी, विश्लयकरणी, सुवर्णकरणी और संधानी।
23. हनुमान जी पूरा पर्वत ही उठा कर ले आए थे
और फिर उसे वापस भी रखने गए थे।
24. पर्वत लाते समय हनुमान जी की मुलाकात भरत जी से नहीं हुई थी।
25. हनुमान जी एक नहीं बल्कि दो बार पर्वत उठा कर लाए थे।
प्रवेश पांडेय
नाना भांति रामअवतारा
ReplyDeleteरामायण सत कोटि अपारा
अभी वाल्मीकि रामायण में बहुत से तथ्य हैं जो आपने नहीं लिखे।
जी।
Deleteवास्तव में वाल्मीकि रामायण काफी भिन्न है तुलसीदास जी की रामायण से । अद्भुत जानकारी दी है सर आपने । हम तो बचपन से तुलसीकृत रामायण को ही एकमात्र श्री रामकथा का आधार मानते रहे जिसे रामानंद सागर ने पर्दे पर दिखाया । किंतु आपने जो तथ्य बताए वास्तव में रामायण पर पुनः शोध करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं । कृपया ऐसी रोचक जानकारी अवश्य देते रहिएगा।
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