विश्व पर्यावरण दिवस: 05 जून 2022
आज विश्व पर्यावरण दिवस है। पूरा देश ही नहीं बल्कि पूरा विश्व पर्यावरण दिवस मना रहा है। आज पूरा विश्व प्रकृति के प्रति अपने झूठे प्रेम वह जिम्मेदारी का इजहार कर रहा है। पहले तो मनुष्य ने विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों का आवश्यकता से अधिक दोहन किया और अब पर्यावरण दिवस के नाम पर प्रकृति प्रेम का झूठा दिखावा कर रहा है। पर्यावरण दिवस मनाना कुछ उसी तरह है, कि हम पहले किसी व्यक्ति के दोनों पैरों को तोड़ दें और फिर उसे प्रेम पूर्वक व्हीलचेयर उपहार में दें। सड़क निर्माण के लिए व मेट्रो बनाने के नाम पर बड़े-बड़े विशाल वृक्षों को बड़े पैमाने पर पहले काटा जाता है। फिर उसकी भरपाई के नाम पर छोटे-छोटे पौधों को लगाया जाता है। क्या बड़े-बड़े वृक्षों की जगह यह छोटे पौधे ले सकते हैं? कभी नहीं। बड़ी - बड़ी मुहिम के नाम पर लगाए गए अधिकांश पौधे सूख जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक लगाए गए 100 पौधों में से मात्र चार या पांच ही बड़े हो पाते हैं और उन्हें भी बड़ा होने में 15 से 20 वर्ष का लंबा समय लगता है। बड़े-बड़े शहरों में फैक्ट्रियों से निकलने वाला दूषित पानी, नदियों में ज्यों का त्यों छोड़ दिया जाता है।...