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Showing posts from April, 2021

ऑक्सीजन की कीमत

ऑक्सीजन की कीमत ऑक्सीजन। जिसे हम प्राणवायु भी कह सकते हैं। एक ऐसी वायु जो मनुष्य ही नहीं बल्कि सभी प्राणियों के जीवन का आधार है। प्रकृति ने यह वायु हमें प्रचुर मात्रा में यूं ही दे रखी है। जिसके बदले में प्रकृति हमसे कुछ नहीं मांगती। आमतौर पर यह वायु हमें वृक्षों से प्राप्त होती है और वृक्ष प्रकृति का और इस सृष्टि का केंद्र बिंदु हैं। यदि हम यह कहें कि मनुष्य और वृक्ष एक दूसरे के पूरक हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। यह सब जानते हुए भी मनुष्य ने प्रगति के नाम पर बार-बार प्रकृति का दोहन किया है और वृक्षों को काटा है। वर्तमान स्थिति यह है कि, आज देश में ऑक्सीजन को लेकर त्राहि मची हुई है। ऑक्सीजन ना मिल पाने की वजह से कई लोगों की जाने जा रही हैं। कोरोना महामारी के चलते ऑक्सीजन की मांग में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जिसकी आपूर्ति सही प्रकार से नहीं हो पा रही है। अब शायद लोगों को ऑक्सीजन की कीमत समझ आ रही होगी। वर्तमान में भारत की वायु गुणवत्ता किसी से छुपी नहीं है। देश के हर छोटे-बड़े शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में है। आने वाले समय में यदि सरकारों ने इसका उपाय नहीं किया, तो वह द...

कोरोना वैक्सीन

कोरोना वैक्सीन अभी हाल ही में सर गंगाराम अस्पताल में 37 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए। अगले ही दिन खबर आई कि एम्स में भी करीब 35 डॉक्टरों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। और भी कई राज्यों से इस तरह डॉक्टरों के पॉजिटिव होने की खबरें आ रही हैं। हमें यह ज्ञात होना चाहिए इन सभी डॉक्टरों को वैक्सीन की दोनों खुराक लगाई जा चुकी थी। इनमें से कुछ डॉक्टर तो ऐसे भी हैं, जिन्हें दोबारा कोरोना का संक्रमण हुआ है। इस तरह की खबरें वाकई डरा देने वाली हैं। क्या हम यह माने की वैक्सीन से कोई लाभ नहीं हो रहा। जब वैक्सीन अपने निर्माण के दौर में थी, तब यही कहा जा रहा था कि वैक्सीन ही एकमात्र उम्मीद की किरण है। परंतु लगभग 9 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है और स्थिति ज्यों की त्यों है। जिन्हें वैक्सीन लग चुकी है, उन्हें भी  कोरोना  हो रहा है। क्या वैक्सीन आपदा में अवसर मात्र है और कंपनियां वैक्सीन के नाम पर अपनी जेबें भर रहे हैंं। पहले कहा गया कि वैक्सीन लगने के बाद कोरोना वायरस नहीं होगा। और जब वैक्सीन के बाद भी  कोरोना हुआ  तो यह कहा जा रहा है कि, वैक्सीन के बाद भी  कोरोना  ...

मार्च का महीना

मार्च का महीना भारत में मार्च के महीने का अपना विशेष महत्व है। क्योंकि मार्च के महीने में होली आती है और होली भारतीय बच्चों के सबसे पसंदीदा त्योहारों में से एक है। खासतौर पर 12वीं तक के बच्चों के लिए। हर वर्ष बच्चों के मन में यही डर रहता है कि कहीं होली उनकी परीक्षाओं के बीच में ना पड़ जाए। ऐसा कई बार हुआ होगा, जब होली परीक्षा के बीच में पड़ी होगी और इस वजह से बच्चे मायूस हुए होंगें। परंतु वर्ष 2021 के मार्च में ऐसा कुछ नहीं हुआ। किसी भी बच्चे को परीक्षा की वजह से होली मनाने में कोई परेशानी नहीं हुई। ऐसा इसलिए नहीं कि होली मार्च के अंत में थी बल्कि इसलिए क्योंकि इस बार परीक्षाएं ऑनलाइन होनी थी। ऑनलाइन परीक्षा देने का भी अपना ही मजा है। इस तरह की परीक्षा में बच्चों को मेहनत नहीं करनी पड़ती। सिर्फ पूछे गए प्रश्नों के उत्तर ढूंढने होते हैं और उत्तर ढूंढने में भी बच्चों को ज्यादा मेहनत की आवश्यकता नहीं है, सिर्फ गूगल पर डालो और उत्तर आपके सामने। मैं यह नहीं कह रहा कि सभी बच्चे ऐसा कर रहे हैं परंतु अधिकांश बच्चों का यही हाल है। इस वर्ष कोई भी छात्र किसी भी कक्षा में फेल नहीं हुआ। सभी बच्चे ...