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Showing posts from January, 2022

सीता के राम

सीता के राम सीता और राम की अमर प्रेम कथा पूरे विश्व में विख्यात है। इस अमर गाथा में कई ऐसे बिंदु हैं, जो आमजन के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। वैसे तो पूरी गाथा में सभी के लिए बहुत कुछ सीखने के लिए है। परंतु एक विषय हमेशा लोगों के बीच खासकर महिलाओं के बीच चर्चा का विषय बना रहता है, कि राम ने एक धोबी के कहने पर सीता का त्याग कर उन्हें वन में क्यों भेज दिया। इस निर्णय को लेते समय राम के मन में क्या विचार रहे होंगे, यह तो राम ही जाने। मैंने इस विषय पर अलग-अलग पुस्तकों में जो कुछ भी पढ़ा है, उसे यहां संक्षेप में लिखने का प्रयास कर रहा हूं। क्या राम सीता से प्रेम नहीं करते थे? जो उन्होंने सीता को वन भेज दिया। यहां यह बात स्पष्ट रूप से समझ लेनी चाहिए कि राम और सीता का प्रेम मानव इतिहास का सबसे अटूट व पवित्र प्रेम है। जहां पहले राजा द्वारा कई पत्नियां रखने का प्रचलन था, वही राम ने सीता को विवाह की प्रथम रात्रि को ही यह वचन दिया था, कि राम कभी भी दूसरा विवाह नहीं करेंगें और इस वचन को राम में पूर्ण रूप से निभाया भी। राम के जीवन में ऐसे कई अवसर आए जब सीता जी उनके साथ नहीं थी। वे चाहते तो दूसरा...

शिव तांडव स्त्रोतम्

जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्‌। डमड्डमड्डमड्डमनिनादवड्डमर्वयं चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥1॥ जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी । विलोलवी चिवल्लरी विराजमानमूर्धनि । धगद्धगद्ध गज्ज्वलल्ललाट पट्टपावके किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं ममं ॥2॥ धरा धरेंद्र नंदिनी विलास बंधुवंधुर- स्फुरदृगंत संतति प्रमोद मानमानसे । कृपाकटा क्षधारणी निरुद्धदुर्धरापदि कवचिद्विगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥3॥ जटा भुजं गपिंगल स्फुरत्फणामणिप्रभा- कदंबकुंकुम द्रवप्रलिप्त दिग्वधूमुखे । मदांध सिंधु रस्फुरत्वगुत्तरीयमेदुरे मनो विनोदद्भुतं बिंभर्तु भूतभर्तरि ॥4॥ सहस्र लोचन प्रभृत्य शेषलेखशेखर- प्रसून धूलिधोरणी विधूसरांघ्रिपीठभूः । भुजंगराज मालया निबद्धजाटजूटकः श्रिये चिराय जायतां चकोर बंधुशेखरः ॥5॥ ललाट चत्वरज्वलद्धनंजयस्फुरिगभा- निपीतपंचसायकं निमन्निलिंपनायम्‌ । सुधा मयुख लेखया विराजमानशेखरं महा कपालि संपदे शिरोजयालमस्तू नः ॥6॥ कराल भाल पट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वल- द्धनंजया धरीकृतप्रचंडपंचसायके । धराधरेंद्र नंदिनी कुचाग्रचित्रपत्रक- प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने मतिर्मम ॥7॥ नव...

नए साल में, नया क्या?

नए साल में, नया क्या? आज एक जनवरी 2022 है। आज अंग्रेजी कैलेंडर के नव वर्ष का पहला दिन है। पूरे विश्व में लोग आज ही के दिन सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हैं। परंतु एक प्रश्न हर वर्ष मेरे मस्तिष्क में रहता है, कि नए वर्ष में नया क्या है, जो लोग सभी को शुभकामनाएं देते हैं। आमतौर पर नया तो कुछ भी नहीं होता, सिर्फ दिन और तारीख ही बदलती है। लोगों का जीवन जैसे चल रहा होता है, वैसे ही चलता रहता है। हां। बस एक नई उम्मीद होती है कि शायद अग्रिम वर्ष, पूर्व वर्ष से अच्छा होगा और आने वाले दिन अच्छे से बीतेगें। इसी उम्मीद में लोग एक दूसरे को शायद शुभकामनाएं देते हैं। वैसे तो सभी के जीवन में समस्याएं व परेशानियां रहती ही हैं और उन परेशानियों का दर्द सभी को खुद ही झेलना पड़ता है। परंतु लाख परेशानी के बाद भी जब कोई पूछता है कि कैसे हो। सब ठीक तो है ना। तो जवाब में यही कहना पड़ता है कि हां सब ठीक है। सब बढ़िया है। जीवन में कुछ भी बढ़िया नहीं होने के बावजूद भी अधिकांश लोग चेहरे पर हल्की सी मुस्कान लेकर यही जवाब देते हैं। प्रत्येक वर्ष लोग इसी उम्मीद में रहते हैं, कि आने वाला वर्ष अच्छा होगा। इस अच्छे ...