विचार योग्य बातें
विचार योग्य बातें 1. मनुष्य सुख प्राप्ति के लिए इच्छा उत्पन्न करता है और इच्छा पूर्ति के बाद पुनः उसी स्थिति को प्राप्त कर लेता है। 2. मनुष्य अपने दुखों का कारण स्वयं है। 3. सुख और दुख एक ही सिक्के के दो पहलू हैं जीवन की कोई घटना यदि किसी के लिए दुख है तो किसी अन्य के लिए वह सुख भी हो सकती है। 4.सुख और दुख दोनों ही परिस्थितियों में समान व्यवहार करने वाला व्यक्ति ही श्रेष्ठ है। 5. मनुष्य जीवन भर इसी भ्रम में रहता है कि परिवार के लोग उससे प्रेम करते हैं। यहां प्रेम शब्द का अर्थ अत्यंत व्यापक है। 6. स्वयं को जानना अथवा ईश्वर को जानना दोनों एक ही बातें हैं। 7. जीवन का अंतिम लक्ष्य ईश्वर या आनंद की प्राप्ति होना चाहिए। 8. आनंद क्या है सिर्फ यही जान लेने मात्र से आनंद की प्राप्ति हो जाती है। 9. संक्षेप में आनंद जीवन की वह अवस्था है, जब मनुष्य मैं और मेरा का भेद भली-भांति जान ले। 10. मैं आनंद को प्राप्त करना चाहता हूं। इस विचार मात्र से ही जीवन के आधे दुखों का निवारण हो जाता है। प्रवेश पांडेय