नया साल

                     नया साल
नया साल आएगा, पुराना चला जाएगा।
तू जैसे जीता आया है, वैसे ही जीता जाएगा।।
साल बदल जाएगा और दिन भी बदल जाएगा।
पर तेरी दिनचर्या में, ना कोई बदलाव आएगा।।
कैलेंडर बदल जाएगा और नया कैलेंडर आएगा।
पर तेरा सुख-दुख जैसा है, वैसा ही रह जाएगा।।
नया साल मुबारक हो, तू सबको कहता जाएगा।
पर तेरी जरूरत पड़ने पर, कोई ना काम आएगा।।
नए साल पर प्रण ले, तू और मेहनती बन जाएगा।।
और अगले नए साल तक, कुछ अच्छा करके दिखाएगा।।
नए साल पर शपथ ले, तू सबके काम आएगा।।
परिवार तथा समाज में, अपनी अलग पहचान बनाएगा।।
नए साल पर प्रतिज्ञा कर, तू कुछ ऐसा कर जाएगा।
कि संसार से जाने के बाद भी, सब के दिलों में बस जाएगा।।

प्रवेश पांडेय

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